आ वश्क निवेदि तिेसठ ि ख तिेसठ हज ि छह स...

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Transcript of आ वश्क निवेदि तिेसठ ि ख तिेसठ हज ि छह स...

  • गाोम्मटसार जीवकाण्ड आाचार्य नोमीचन्द्र ससद्ाांत -चक्रवतीय द्वारा रिचत

    Presentation Developed By: Smt Sarika Vikas Chhabra

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    मांगलाचरण

     जाो ससद्, शुद् एवां आकलांक ह ां एवां  जजनको सदा गुणरूपी रताोां को भूषणाोां का उदर् रहता ह ,  एोसो श्री जजनोन्द्रवर नोिमचांर स्वामी काो नमस्कार करको

     जीव की प्ररूपणा काो कहांगा ।

    ससद्ां सुद्ां पणिमर् जजणणांदवरणोिमचांदमकलांकां । गुणरर्णभूसणुदर्ां जीवस्स परूवणां वाोच्छां॥

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    आला ककक गणणत काोां पढ़ ोां? जजनागम काो समझनो को िलर्ो

    तीन लाोक की कवशालता काो समझनो को िलर्ो

    आात्मा आनांत गुणाोां की खान ह , ताो वह आनांत ककतना कवशाल ह

    सांसार पररभ्रमण आर्ायत 5 परावतयन काो समझनो को िलर्ो

    ...इत्र्ादद

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    मान (गणणत)

    ला ककक आला ककक

    रव्र्

    सांख्र्ा

    21 भोद

    उपमा

    8 भोद

    क्षोत्र काल भाव

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    सांख्र्ा मान सांख्र्ात

    ज. म. उ.

    आसांख्र्ात

    पररत

    ज. म. उ.

    र्ुक्त

    ज. म. उ.

    आसांख्र्ाता सांख्र्ात

    ज. म. उ.

    आनांत

    पररत

    ज. म. उ.

    र्ुक्त

    ज. म. उ.

    आनांतानांत

    ज. म. उ.

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    सांख्र्ात -

    • जाो मतत-श्रतुज्ञान का कवषर् हाो आसांख्र्ात -

    • जाो मतत,श्रतु ज्ञान का कवषर् ताो नहीां ह लो ककन आवधिज्ञान आा र मन:पर्यर् ज्ञान का कवषर् हाो

    आनांत -

    • जाो मतत, श्रुत, आवधि, मन:पर्यर् ज्ञान का कवषर् नहीां ह लो ककन को वलज्ञान का कवषर् हाो

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    •2जघन्द्र् सांख्र्ात •कुण्ड कविानजघन्द्र् पररतासांख्र्ात • कवरलन दोर्जघन्द्र् र्ुक्तासांख्र्ात •वगयजघन्द्र् आसांख्र्ातासांख्र्ात •शलाका त्रर् तनष्ठापनजघन्द्र् पररतानांत • कवरलन दोर्जघन्द्र् र्ुक्तानांत •वगयजघन्द्र् आनांतानांत

    •शलाका त्रर् तनष्ठापनउत्कृष्ट आनांतानांत

    21 मोां सो 8 राशशर्ाां हमोां तनकालनी ह - कवधि

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    शोष राशशर्ााँ ?

    शोष उत्कृष्ट राशशर्ाां आागो को जघन्द्र् मोां सो 1 घटानो पर प्राप्त हाोती ह ां |

    जघन्द्र् आा र उत्कृष्ट को बीच की सब राशशर्ाां मध्र्म भोद ह ां |

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    सांख्र्ात

    =2जघन्द्र् सांख्र्ात

    = 3 सो (उत्कृष्ट सांख्र्ात − 1)मध्र्म सांख्र्ात

    = जघन्द्र् पररत आसांख्र्ात – 1उत्कृष्ट सांख्र्ात

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    आस ांख्र्

    ात पररत आसांख्र्ात

    जघन्द्र् मध्र्म उत्कृष्ट

    र्ुक्त आसांख्र्ात जघन्द्र् मध्र्म उत्कृष्ट

    आसांख्र्ातासांख्र्ात जघन्द्र् मध्र्म उत्कृष्ट

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  • जघन्द्र् पररत आसांख्र्ात तनकालनो की कवधि

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    जघन्द्र् पररत आसांख्र्ात

     कुण्ड कविान द्वारा-  4 कुण्ड बनार्ोांगोां – आनवस्र्ा, शलाका, प्रततशलाका, महाशलाका

    आनवस्र्ा शलाका प्रततशलाका महाशलाका

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    कुण्ड काोां? आनवस्र्ा कुण्ड

    जाो आवस्स्र्त न रहो, जजसकी चा ड ाई (व्र्ास) बदलता जार्ो

    शलाका कुण्ड

    आनवस्र्ा कुण्ड की गगनती को

    िलर्ो

    प्रततशलाका कुण्ड

    शलाका कुण्ड की गगनती को

    िलर्ो

    महाशलाका कुण्ड

    प्रततशलाका कुण्ड की

    गगनती को िलर्ो

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    प्रत्र्ोक कुण्ड का प्रमाण 1000 र्ाोजन गहरा 60,00,000 km(1000 𝒙 12 𝒙 500)

    1,00,000 र्ाोजन चा ड ा - जम्बूद्वीप प्रमाण 2 मील = 1 काोस (or 3 km = 1 काोस) 4 काोस = 1 व्र्वहार र्ाोजन 4 काोस x 500 = = 2000 काोस = 1 प्रमाण र्ाोजन 2000 x 2 मील = 4000 मील = 1 प्रमाण र्ाोजन 1 लाख x 4000 मील = 40 कराोड मील = 1 लाख र्ाोजन

    व्र्ास

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  • जघन्द्र् पररत आसांख्र्ात• आनवस्र्ा कुण्ड मोांसरसाो को दानो भरोांगोां (45 आांक प्रमाण)

    • किर ऊपर तक भी भरना ह जब तक कपरािमड (शशखाऊ) ज सा ना बन जार्ो (46 आांक प्रमाण) आनवस्र्ा कुां ड

    लगभग 10 गुना ज्र्ादा सरसाो आार्ोगी

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    कुल सरसाो का प्रमाण  1997,1129384,5131636,3636363,6363636,3636363,6363636 411

     एक हजार ना सा सत्तानवो काोटट काोटट काोटट काोटट काोटट काोटट, ग्र्ारह लाख उनतीस हजार तीन सा चा रासी काोटट काोटट काोटट काोटट काोटट, इकावन लाख इकतीस हजार छह सा छत्तीस काोटट काोटट काोटट काोटट, छत्तीस लाख छत्तीस हजार तीन सा त्रोसठ काोटट काोटट काोटट, तरोसठ लाख तरोसठ हजार छह सा छत्तीस काोटट काोटट, छत्तीस लाख छत्तीस हजार तीन सा त्रोसठ काोटट, तरोसठ लाख तरोसठ हजार छह सा छत्तीस तर्ा चार बटो ग्र्ारह

    2 13456 कोटि

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  • • र्ह आनवस्र्ा कुण्ड एक बार भर गर्ा, आतः शलाका कुण्ड मोां ए